SOCHTANTRA · सोचतंत्र · Think beyond the noiseListen
SOCHTANTRA — सोचतंत्र — Think beyond the noise
THE CATALOG / DEBUT ALBUM

THE NOISE. THE NUANCE.

Dimaag Band Hai album cover
SOCHTANTRA / सोचतंत्र

DIMAAG
BAND HAI

दिमाग़ बंद है

Hindi satirical rap and alternative hip-hop. Satire that cuts through the noise, across rap, funk, rock, and psychedelic electronics.

10 TRACKS~44 MINUTESHINDI
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10 TRACKS

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Dimaag Band Hai album cover
DIMAAG BAND HAI · 05 / 10

Setting Hai Bhai

सेटिंग है भाई

SOCHTANTRA / THE LYRIC ROOM

Setting Hai Bhai

अरे भाई... लाइन में क्यों खड़ा है? फ़ॉर्म क्यों भर रहा है? नियम क्यों पढ़ रहा है? तू नया है क्या? यहाँ काम नियम से नहीं... पहचान से होता है! सेटिंग है भाई! सेटिंग है भाई! काम हो जाएगा, सेटिंग है भाई! लाइन हो लंबी, या फ़ाइल अटकी, टेंशन क्यों लेता? सेटिंग है भाई! सेटिंग! सेटिंग! सेटिंग है भाई! नियम की बात? छोड़ ना भाई! दफ़्तर में पहुँचा, लंबी कतार, बोला, "अंदर बैठा अपना यार!" फ़ॉर्म अधूरा, काग़ज़ भी आधे, फ़ोन घुमाते ही खुल गए रास्ते! बाबू ने पूछा, "किससे मिलना?" बोला, "साहब से है सीधा रिश्ता!" सुबह से जनता धक्के खाए, ये साहब पीछे से अंदर जाएँ! कल तक सिस्टम को देता था गाली, आज उसी से अपनी फ़ाइल निकलवा ली! कल तक बाबू आँख दिखाए, आज वही चाय पिलाए! अरे, ये कौन आ गया? सेटिंग वाला भाई! किस-किस को जानता है? सबको, भाई... सबको! मंत्री मेरा मामा है, अफ़सर मेरा यार! पूछो दोनों का नंबर, बोले, "फ़ोन है ख़राब!" थाने में पहचान है, दफ़्तर में भी नाम! पूछो, "कौन है अंदर?" बोले, "अभी है कुछ काम!" हर जगह की चाबी, हर ताले का इलाज! लेकिन ख़ुद की फ़ाइल अटकी, पिछले तीन महीने से आज! भाई... अपनी फ़ाइल तो निकलवा ले! अरे... वो अलग मामला है! किसको जानता? सबको जानता! काम कैसे होगा? मैं करवाता! नियम क्या कहते? कौन पढ़ता है? सेटिंग है भाई! सेटिंग है भाई! सेटिंग है भाई! काम हो जाएगा, सेटिंग है भाई! लाइन हो लंबी, या फ़ाइल अटकी, टेंशन क्यों लेता? सेटिंग है भाई! सेटिंग! सेटिंग! सेटिंग है भाई! नौकरी निकली, इंटरव्यू हुआ, चयन तो पहले ही तय हुआ! डिग्री लेकर आया होनहार, पूछा, "किसकी है सिफ़ारिश यार?" ठेका निकला, बोली लगी, जीत उसी की पहले से पक्की! क़ाबिल खड़ा रहा बाहर, पहचान वाला सीधे अंदर! स्कूल में दाख़िला, अस्पताल में बेड, हर जगह चाहिए किसी का रेफ़रेंस! जिसका कोई नहीं, वो लाइन में खड़ा, जिसका चाचा अंदर, वो सीधा चढ़ा! अरे भाई, टेंशन क्यों लेता है? अपना आदमी है अंदर! कौन? अरे... नाम नहीं ले सकता! मेहनत? बाद में! क़ाबिलियत? बाद में! पहचान? सबसे पहले! और नियम? अपने लिए नहीं! सेटिंग है भाई! सेटिंग है भाई! काम हो जाएगा, सेटिंग है भाई! लाइन हो लंबी, या फ़ाइल अटकी, टेंशन क्यों लेता? सेटिंग है भाई! लाइसेंस चाहिए, पहचान लगाओ, काम अटका तो फ़ोन घुमाओ! परमिट चाहिए, चक्कर बचाओ, अंदर वाले को चाय पिलाओ! नियम तोड़ो, फिर ज्ञान सुनाओ, पकड़े जाओ तो फ़ोन मिलाओ! कल तक बोले, देश सुधारो, आज कहे, मेरा काम निकालो! सिस्टम बदलना सबको प्यारा, बस अपना रास्ता रहे न्यारा! ईमानदारी का भाषण भारी, अपनी सेटिंग सबसे प्यारी! मंत्री मेरा मामा है! अफ़सर मेरा यार! तो फिर काम क्यों अटका? अभी सब हैं बाहर! फ़ोन लगा दे! बैटरी है डाउन! नंबर बता दे! नेटवर्क नहीं है, भाई! अच्छा... मंत्री का नाम तो बता! अरे भाई... इतना शक क्यों करता है? एक सवाल पूछूँ? अगर सबकी सेटिंग है... तो नियम किसके लिए हैं? उनके लिए... जिनकी सेटिंग नहीं है। और फिर हम कहते हैं... सिस्टम ख़राब है! सेटिंग है भाई! सेटिंग है भाई! काम हो जाएगा, सेटिंग है भाई! मेहनत गई छुट्टी पे, नियम गए सोने! पहचान वाले आगे, बाक़ी लगे रोने! सेटिंग है भाई! सेटिंग है भाई! काम कैसे होगा? सेटिंग से! नियम क्या होगा? देखेंगे! किसकी चलेगी? अपनी चलेगी! सेटिंग है भाई!!! और हाँ... अगर ये गाना पसंद आया... तो लाइक करना। शेयर करना। और अगर पसंद नहीं आया... कोई बात नहीं। अपनी सेटिंग है भाई!
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