THE NOISE. THE NUANCE.

SOCHTANTRA / सोचतंत्रDIMAAG
DIMAAG
BAND HAI
दिमाग़ बंद है
Hindi satirical rap and alternative hip-hop. Satire that cuts through the noise, across rap, funk, rock, and psychedelic electronics.
10 TRACKS~44 MINUTESHINDI
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DIMAAG BAND HAI · 09 / 10
Sab Changa Si
सब चंगा सी
Sab Changa Si
सब ठीक है...
सब बढ़िया है...
सब कुछ नियंत्रण में है...
तो फिर...
ये धुआँ कहाँ से आ रहा है?
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
आँखें बंद तो सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सवाल ना पूछो,
सब चंगा सी!
वाह! वाह!
क्या बात है!
छत से टपके पानी की धार,
मालिक बोले, "मौसम शानदार!"
दीवारों में दरारें आईं,
बोले, "हवा आने की जगह बनाई!"
सड़क पे गड्ढे, धूल का गुबार,
बोले, "मुफ़्त में मिलता ऑफ़-रोड प्यार!"
बत्ती गई तो मोम जलाया,
बोले, "रोमांस का मौसम आया!"
पानी आया पीला-पीला,
बोले, "हल्दी वाला पानी पी ले!"
हर मुश्किल का नया बहाना,
सच को हँसकर दूर भगाना!
छत टपक रही?
बारिश का मज़ा!
बत्ती गई?
तारों का नज़ारा!
सड़क टूटी?
एडवेंचर है!
सच बताऊँ?
रहने दे यार!
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
आँखें बंद तो सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सवाल ना पूछो,
सब चंगा सी!
जेब है खाली, ख़र्चे हज़ार,
बोले, "पैसे से मिलता नहीं प्यार!"
नौकरी गई तो बोले हँसकर,
"अब तो अपना बॉस हूँ घर पर!"
महँगाई आई, थाली हुई आधी,
बोले, "डाइटिंग सेहत की साथी!"
लाइन में खड़े थे सुबह से शाम,
बोले, "धैर्य का हो रहा अभ्यास!"
स्कूल में टीचर, आधे दिन ग़ायब,
बोले, "बच्चे बनेंगे ख़ुद क़ाबिल!"
दवा ना मिली, पर्ची मिली,
बोले, "देखो, कितनी तरक़्क़ी!"
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
आँखें बंद तो सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सवाल ना पूछो,
सब चंगा सी!
आँकड़े चमके, चेहरे उतरे,
काग़ज़ पे सब सपने पूरे!
मंच पे भाषण, तालियाँ भारी,
पीछे खड़ी परेशान सवारी!
हर सवाल का एक जवाब,
"सब बढ़िया है, रखो हिसाब!"
जो भी पूछे, "क्यों है ऐसा?"
बोले, "तू सोचता बहुत है पैसा!"
ख़बरों में बस जश्न मनाया,
मुश्किल का नाम ही मिटाया!
सच को ढककर पर्दा डाला,
झूठ को फूलों से सजाया!
एक सवाल है...
अगर सब चंगा है...
तो हर सवाल से डर क्यों लगता है?
कहीं...
चंगा सिर्फ़ नारा तो नहीं?
हर बात में बुराई ढूँढ़ना...
समझदारी नहीं है।
लेकिन...
हर बुराई को अच्छाई बताना...
वो भी समझदारी नहीं।
उम्मीद अच्छी चीज़ है।
मगर...
आँखें बंद करने से...
मुश्किलें ग़ायब नहीं होतीं।
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
आँखें बंद तो सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
सवाल ना पूछो,
सब चंगा सी!
सब ठीक है?
बिल्कुल ठीक!
कुछ टूटा है?
कुछ भी नहीं!
धुआँ क्यों है?
धूप जली है!
आग लगी है?
रोशनी है!
और ये पानी?
छत से आ रहा है!
सब चंगा सी!
सब चंगा सी!
आँखें बंद तो सब चंगा सी!
सब कुछ ठीक है...
कृपया घबराएँ नहीं...
अरे! छत गिर गई!
घबराने की कोई बात नहीं...
अब आसमान साफ़ दिखाई देगा।
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