THE NOISE. THE NUANCE.

SOCHTANTRA / सोचतंत्रDIMAAG
DIMAAG
BAND HAI
दिमाग़ बंद है
Hindi satirical rap and alternative hip-hop. Satire that cuts through the noise, across rap, funk, rock, and psychedelic electronics.
10 TRACKS~44 MINUTESHINDI
Listening options ↗Inside the record.
10 TRACKSListen to every track and explore the complete Hindi lyrics.

DIMAAG BAND HAI · 10 / 10
Ghanta Gyan
घंटा ज्ञान
Ghanta Gyan
देवियों और सज्जनों...
स्वागत है आपका...
दुनिया के सबसे बड़े...
ज्ञान सम्मेलन में!
जहाँ हर आदमी विशेषज्ञ है...
और किसी को कुछ करना नहीं है!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
बातें ऊँची, काम तमाम!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
मुँह में भाषण, हाथ खाली,
सबके अपने बड़े अरमान!
ज्ञान! ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
सुबह उठे तो ज्ञान की बारिश,
हर किसी को देने की ख़्वाहिश!
चाय की चुस्की, लंबा भाषण,
दूसरों को बाँटे अनुशासन!
ख़ुद से उठता नहीं है झाड़ू,
दुनिया साफ़ करने का जादू!
हर समस्या का हल बताता,
करने को बोलो, मुँह बनाता!
मंच मिला तो भाषण भारी,
ज़िम्मेदारी आई तो बीमारी!
दूसरों की गलती गिनवाए,
अपनी बारी चुप हो जाए!
सलाह चाहिए?
मुफ़्त मिलेगी!
मदद चाहिए?
कल मिलेगी!
भाषण चाहिए?
अभी मिलेगा!
काम करेगा?
देखेंगे भाई!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
बातें ऊँची, काम तमाम!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
मुँह में भाषण, हाथ खाली,
सबके अपने बड़े अरमान!
घर में बैठा बड़ा सुधारक,
हर मुद्दे का स्वयं प्रचारक!
सड़क पे गड्ढा, लंबा लेख,
भरने को बोलो, बदल दे विषय!
फ़ोटो खिंचवाए पेड़ के साथ,
पानी देने को नहीं है हाथ!
स्वच्छता पर भाषण दे डाला,
ख़ुद ने कचरा नीचे डाला!
समय की क़ीमत सबको बताए,
ख़ुद हर मीटिंग देर से आए!
बोले, "देश को बदलना होगा!"
पूछो, "कैसे?" तो चुप हो जाएगा!
कितना ज्ञान?
टनों में!
कितना काम?
कणों में!
कितनी बातें?
हज़ारों!
कितने नतीजे?
गिन लो यारों!
कहाँ हैं नतीजे?
अभी आ रहे हैं...
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
बातें ऊँची, काम तमाम!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
मुँह में भाषण, हाथ खाली,
सबके अपने बड़े अरमान!
सपने बेचे, वादे बाँटे,
ज़िम्मेदारी आते ही भागे!
हर बहस में आगे-आगे,
मेहनत आए तो पीछे भागे!
दूसरों को रास्ता दिखाए,
ख़ुद का पता भी भूल जाए!
ज्ञान का सागर, काम का सूखा,
भाषण देकर पेट है भूखा!
कहता, "मैं तो सच बोलूँगा!"
सच सुनते ही मुँह मोड़ेगा!
जो भी बोले, ख़ुद को ज्ञानी,
दुनिया सारी उसको नादानी!
एक सवाल है...
अगर बोलने से दुनिया बदलती...
तो अब तक...
दुनिया स्वर्ग बन चुकी होती।
लेकिन...
दुनिया बदलती है...
जब कोई उठकर...
कुछ करता है।
और हम?
हम अभी भी...
भाषण दे रहे हैं।
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
बातें ऊँची, काम तमाम!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
मुँह में भाषण, हाथ खाली,
सबके अपने बड़े अरमान!
सलाह?
तैयार!
भाषण?
दमदार!
मेहनत?
अगली बार!
नतीजा?
इंतज़ार!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
बातों का पूरा हिंदुस्तान!
घंटा ज्ञान!
घंटा ज्ञान!
बातें ख़त्म?
अभी कहाँ!
काम शुरू?
कल से भाई!
तो दोस्तों...
आज के ज्ञान सम्मेलन का
यहीं समापन होता है।
अब सब अपने-अपने घर जाइए...
और...
कल से दुनिया बदलना शुरू कीजिए!
कल से ही क्यों?
परसों से करते हैं!
FIND YOUR FREQUENCYTurn it up.
