THE NOISE. THE NUANCE.

NEW SINGLE / 5:04DESHBHAKTI
DESHBHAKTI
KA PACKAGE.
देशभक्ति का पैकेज
देश आपका… पैकेज हमारा!
A satirical sales pitch for patriotism, power, and the price paid by the public.
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SOCHTANTRA / सोचतंत्रDIMAAG
DIMAAG
BAND HAI
दिमाग़ बंद है
Hindi satirical rap and alternative hip-hop. Satire that cuts through the noise, across rap, funk, rock, and psychedelic electronics.
10 TRACKS~44 MINUTESHINDI
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DIMAAG BAND HAI · 06 / 10
Forward Kar De
फ़ॉरवर्ड कर दे
Forward Kar De
टिंग!
अरे भाई...
एक ज़रूरी मैसेज आया है!
लिखा है...
"ये ख़बर सौ प्रतिशत सच है!"
और नीचे लिखा है...
"सबको भेजो!"
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
सच है या झूठ?
अरे छोड़, कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
बिना पढ़े, बिना समझे,
सबको भेज दे!
भेज दे!
भेज दे!
सबको भेज दे!
सबूत है?
किसको चाहिए?
सुबह-सुबह फ़ोन बजा,
चाचा का मैसेज फिर आ गया!
लिखा था, "आज से सूरज ठंडा!"
नीचे लिखा, "ये राज़ है गहरा!"
पढ़ते ही चाचा घबरा गए,
पचास लोगों को समझा गए!
बुआ ने भेजा मामा को,
मामा ने भेजा नाना को!
नाना ने भेजा पूरे गाँव,
शाम तक मच गया हल्ला-गुल्ला!
जिसने पूछा, "सच है क्या?"
चाचा बोले, "शक है क्या?"
किसने भेजा?
चाचा ने!
चाचा को?
मामा ने!
मामा को?
पता नहीं!
फिर क्या करना?
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
सच है या झूठ?
अरे छोड़, कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
बिना पढ़े, बिना समझे,
सबको भेज दे!
भेज दे!
भेज दे!
सबको भेज दे!
फ़ोटो पुरानी, ख़बर है नई,
कहते हैं, "देखो, अभी की है भाई!"
वीडियो काटा, आवाज़ बदली,
झूठ की निकली नई शक्ल असली!
ऊपर लिखा, "मीडिया चुप है!"
नीचे लिखा, "ये गुप्त ख़बर है!"
लाल निशान और बड़े-बड़े अक्षर,
चाचा बोले, "पढ़ ले ज़रा ध्यान से!"
एक ने बोला, "मैंने भी देखा!"
दूजे ने बोला, "मैंने भी भेजा!"
तीसरे ने बोला, "पक्का है भाई!"
चौथे ने सौ लोगों को सुनाई!
किसने जाँचा?
किसी ने नहीं!
किसने माना?
सबने सही!
किसने भेजा?
सबने भेजा!
सच कहाँ है?
किसी को नहीं पता...
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
सच है या झूठ?
अरे छोड़, कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
बिना पढ़े, बिना समझे,
सबको भेज दे!
घर में बैठे चाचा ज्ञानी,
हर मैसेज में नई कहानी!
कभी दवा, कभी बीमारी,
कभी दुनिया ख़त्म होने की बारी!
कभी ख़ज़ाना, कभी ख़तरा,
हर अफ़वाह का नया तमाशा!
कहते, "ये तो गुप्त ख़बर है!"
पूछो, "कहाँ से?" तो जवाब नदारद!
सवाल करो तो गुस्सा आए,
"तुम जैसे लोग देश डुबाएँ!"
सच दिखाओ तो फ़ोन हटाएँ,
फिर नया मैसेज पढ़ने लग जाएँ!
लेकिन...
एक दिन...
कुछ अजीब हुआ।
टिंग!
एक मैसेज आया।
वही मैसेज...
जो चाचा ने...
तीन दिन पहले...
ख़ुद बनाया था।
चाचा ने पढ़ा...
आँखें फटी रह गईं...
और बोले...
"अरे बाप रे..."
"ये तो बहुत बड़ी ख़बर है!"
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
सच है या झूठ?
अरे छोड़, कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
बिना पढ़े, बिना समझे,
सबको भेज दे!
चाचा को!
मामा को!
बुआ को!
नाना को!
गाँव को!
शहर को!
सबको!
सबको!
किसने लिखा?
पता नहीं!
किसने पढ़ा?
पता नहीं!
किसने माना?
सबने माना!
किसने फैलाया?
हमने फैलाया!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
फ़ॉरवर्ड कर दे!
सच है या झूठ?
कौन जाँचेगा?
फ़ॉरवर्ड कर दे!!!
टिंग!
अरे भाई...
एक नया मैसेज आया है।
लिखा है...
"अफ़वाहों से सावधान रहें।"
और नीचे?
"इसे कम से कम पचास लोगों को भेजें!"
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