SOCHTANTRA · सोचतंत्र · Think beyond the noiseListen
← All lyricsDIMAAG BAND HAI / SOCHTANTRA

Degree Hai, Dimaag Nahi

डिग्री है, दिमाग़ नहीं

Original lyrics booklet ↓
अरे भाई... दीवार पे डिग्रियाँ देखीं? एक नहीं... दो नहीं... पूरी पाँच! और अक़्ल? वो शायद फ़्रेम में नहीं आई! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! बातें बड़ी, पर ज्ञान नहीं! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! नाम के आगे चार उपाधि, पर सवाल का जवाब नहीं! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! दीवार पे डिग्री, मेज़ पे किताब, पूछो कोई सवाल, तो गोल जवाब! पाँच साल पढ़े, दस साल पढ़ाए, फिर भी छोटी बात समझ ना पाए! नाम के आगे लंबी उपाधि, हर बात में झलके अकड़ नवाबी! कहते, "मेरे पास अनुभव भारी!" पर छोटी मुश्किल पड़े तो लाचारी! काग़ज़ पे नंबर, सीने में शान, सवाल उठाओ तो जाए जान! सीखने से ज़्यादा दिखावे का शौक़, डिग्री चमकाए, समझ का अकाल! कितनी डिग्री? पाँच-पाँच! कितना ज्ञान? भगवान जाने! सवाल पूछें? मत पूछो! क्यों भाई? इज़्ज़त जाएगी! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! बातें बड़ी, पर ज्ञान नहीं! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! नाम के आगे चार उपाधि, पर सवाल का जवाब नहीं! मीटिंग में बोले, "स्ट्रैटेजी बनाओ!" ख़ुद से पूछो तो रास्ता बताओ! स्लाइड पे चार्ट, रिपोर्ट हज़ार, फ़ैसला लेने में बीते रविवार! हर बात में बोले, "डेटा दिखाओ!" डेटा जो आए तो नज़र चुराओ! टीम को बोले, "सोचो नया!" ख़ुद की सोच वही पुराना ढर्रा! कुर्सी बड़ी, पद भी भारी, ज़िम्मेदारी आए तो छुट्टी जारी! कहते, "मैं हूँ लीडर महान!" टीम करे मेहनत, ये लें सम्मान! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! बातें बड़ी, पर ज्ञान नहीं! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! नाम के आगे चार उपाधि, पर सवाल का जवाब नहीं! सर्टिफ़िकेट की लगी कतार, हर महीने नया अवतार! कोर्स ख़रीदा, बैज लगाया, सीखा कितना? कुछ ना बताया! प्रोफ़ाइल पे लिखा "विशेषज्ञ", काम पड़ा तो हो गए ग़ायब! किताब पढ़ी, पर समझ ना आई, फिर भी दुनिया को सीख सिखाई! डिग्री का मतलब ज्ञान नहीं, अकड़ का मतलब शान नहीं! जो सच में सीखे, सवाल उठाए, जो ख़ुद को ज्ञानी माने, चुप कराए! एक बात समझो... डिग्री बुरी नहीं है। पढ़ाई बुरी नहीं है। किताबें बुरी नहीं हैं। लेकिन... काग़ज़ पे लिखा नाम... दिमाग़ में समझ भी लिख दे... ये ज़रूरी नहीं। क्योंकि... असली शिक्षा... सवाल पूछना भी सिखाती है। डिग्री है! दिमाग़ नहीं! बातें बड़ी, पर ज्ञान नहीं! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! नाम के आगे चार उपाधि, पर सवाल का जवाब नहीं! डिग्री कितनी? पूरी पाँच! अक़्ल कितनी? अभी तलाश! सीखा क्या? पूछो मत! समझा क्या? वो भी मत! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! फ़्रेम चमके, पर ज्ञान नहीं! डिग्री है! दिमाग़ नहीं! और हाँ... डिग्री ज़रूर लेना। पढ़ना भी। सीखना भी। बस... डिग्री के साथ... थोड़ी अक़्ल भी ले आना।